HEALTH DESK ।आज के दौर में फिट, स्लिम रहने की चाहत में लोग घंटों जिम में पसीना बहा रहे हैं और हाई-प्रोटीन डाइट के नाम पर बिना सोचे-समझे सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, जो धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचा रही हैं। विश्व किडनी दिवस की पूर्व संध्या पर किडनी रोग विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमाद्री शंकर बताते हैं कि हाल के दिनों में हॉस्पिटल की ओपीडी में आने वाले किडनी रोगियों में करीब 10 मरीजों की उम्र 28 से 45 वर्ष के बीच है। काउंसलिंग के दौरान यह पता चला कि वे कई वर्षों से जिम में नियमित रूप से व्यायाम कर रहे थे और अपने आहार में हरी सब्जियां, संतरा और ड्राई फ्रूट्स का अधिक मात्रा में सेवन कर रहे थे।

बचाव के लिए सुझाव
जरूरत से ज्यादा कसरत नहीं : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डायलिसिस यूनिट के नोडल प्रभारी डॉ. राजकमल चौधरी ने कहा कि घंटों व्यायाम करने वाले लोगों में मायलोसिस की समस्या देखी जा रही है। अत्यधिक व्यायाम करने से मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियों के टूटने की समस्या होती है और मायोग्लोबिन निकलता जिसके अधिक स्राव से किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
बिना सलाह सप्लीमेंट न लें*: डॉ. राजकमल चौधरी ने कहा, व्यायाम करने वाले कई लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के हाई-प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर रहे हैं। इन सप्लीमेंट्स का अत्यधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर मामलों में किडनी फेल होने तक की नौबत आ सकती है।

असंतुलित आहार से बचें :भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल के वरीय सर्जन डॉ. पंकज कुमार का कहना है, मोटापा कम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी आहार अपनाने लगे हैं। हालांकि, इनमें से कई लोग उच्च सोडियम, कैल्शियम, आयरन और ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे केला, बीन्स, नट्स (अखरोट, काजू) और पालक का अत्यधिक सेवन करने लगते हैं। इनके अधिक सेवन करने से किडनी में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
बोले विशेषज्ञ
बिना चिकित्सकीय परामर्श के उच्च प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से बचें। समय रहते जानकारी होने से किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है। – डॉ. हिमाद्री शंकर, नेफोलॉजिस्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, भागलपुर



















