
नियामताबाद। महाकुंभ के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग और बंदरबांट किया जा रहा है। इसके पीछे सिर्फ एक कारण है कि महाकुंभ में खर्च होने वाले धन की ऑडिट नहीं होती है। इस बार कुंभ में करीब साढ़े पांच हजार करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होगी। उक्त बातें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव ने बुधवार को विकासखंड के बौरी स्थित पूर्व सांसद रामकिशुन के आवास पर सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।

महाकुंभ के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग
उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली सरकार भाजपा की सरकार है। जिसकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। कहा कि महाकुंभ के लिए के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान पहले से था। मूल बजट से साढ़े तीन हजार करोड़, अनुपूरक बजट से 600 करोड़ और केंद्र सरकार की ओर से 500 करोड रुपए की धनराशि महाकुंभ के लिए आवंटित की गई है। इस धनराशि में पूरी तरह से भ्रष्टाचार होगा, क्योंकि इसकी ऑडिट नहीं होती है। कहा कि उत्तर प्रदेश की सीमा में गंगा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को बिना किसी खर्च के गंगा स्नान, पूजा पाठ आदि करने की छूट है। लेकिन चूंकि सरकार को महाकुंभ के नाम पर पैसे का बंदरबांट करना है तो अधिक से अधिक धनराशि महाकुंभ के नाम पर खर्च की जा रही है। जो पैसा प्रदेश और देश के आयकरदाताओं और गरीब जनता का है।
भाजपा सरकार में आए दिन चोरी, हत्या, लूट, छिनैती
जिन चुनावी नारों के सहारे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी वे नारे आज के परिदृश्य में पूरी तरह से विलुप्त हो गए हैं। न ही लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधा मिल रहा है, न ही किसानों को खाद, बीज, पानी समय पर मिल पा रहा है। इससे यह सिद्ध होता है कि प्रदेश का हर वर्ग सरकार की नीतियों से पूरी तरह से परेशान है। कहा कि सरकार की नीतियां सिर्फ पूंजी पतियों के लिए बन रही है। उन्हीं के लिए हर कार्य किया जा रहा है। कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह खराब है। आए दिन चोरी, हत्या, लूट, छिनैती आदि की घटनाएं आम हो गई है।
पूर्व सांसद रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व सांसद रामकिशुन, पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव, प्रेमनाथ तिवारी, सुनील यादव देवता, बैजनाथ यादव, विक्की यादव, निरंजन यादव, श्याम नारायण, संजू यादव, सुदामा यादव आदि मौजूद रहे।



















