21.7 C
Varanasi
spot_img

DM ने एडीओ पंचायत को लगाई कड़ी फटकार,मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने पर कर रहे थे हीलाहवाली

spot_img

Published:

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान एक रिक्शा चालक ने ब्लॉककर्मियों पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का हीलाहवाली का आरोप लगाया। इसपर डीएम ने मौके पर मौजूद एडीओ पंचायत को कड़ी फटकार लगाई।

संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादी काट रहे चक्कर

आपको बता दें कि पीडीडीयू नगर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादी चक्कर काट रहे हैं लेकिन आशा के अनुरूप न्याय नहीं मिल रहा है। वहीं सम्पूर्ण समाधान दिवस में नियामताबाद विकासखंड के हिनौली गांव के सुरेन्द्र ने डीएम से शिकायत किया कि उसके पिता राममूरत की मौत करीब सात माह पूर्व ही हो गई। जिनके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए बीते सात माह से वह ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। इसके बावजूद ब्लॉककर्मियों की ओर से हीलाहवाली की जा रही है। अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।

डीएम ने एडीओ पंचायत को लगाई फटकार

इसपर डीएम ने मौके पर मौजूद एडीओ पंचायत को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिन के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जमीनों की दाखिल खारिज से सम्बंधित शिकायतें भी आई। इसपर डीएम ने एसडीएम को लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया।


पीड़ित ने पूर्व में भी किया था शिकायत


बताया जा रहा है कि पूर्व में 19 अक्टूबर 2023 को संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सुरेंद्र पुत्र राममूरत ने एसडीएम आलोक कुमार को शिकायत पत्र देकर बताया कि 29 अक्टूबर 2019 को मेरे पिता स्व राममूरत निवासी हिलौनी गांव में घर पर ही अचानक मौत हो गई थी। पीड़ित अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए 23 अगस्त 2024 को तहसील परिसर में प्रार्थना पत्र देकर आवेदन किया था। इसके बाद एसडीएम ने आदेश 31 अगस्त 2024 को बीडीओ नियमताबाद को आदेशित किया था। लेकिन सचिव ग्राम पंचायत हिनौली के द्वारा मुझे बार-बार पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पहले चक्कर कटवा रहे हैं।

2 महीने के बाद जांच नहीं करा पाए एसडीएम साहब

जिसपर एसडीएम आलोक कुमार ने पीड़ित को भरोसा दिया था कि सक्षम अधिकारी से जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन 2 महीने के बाद भी एसडीएम साहब जांच नहीं कर पाए। इसके बाद पीड़ित ने संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर से जिलाधिकारी से गुहार लगाया।

तत्कालीन एसडीएम से सीखने की जरूरत

एक व्यक्ति ने बताया कि जब पीडीडीयू नगर के तत्कालीन एसडीएम अविनाश कुमार हुआ करते थे, उनके समय में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर छोटी समस्या हो या बड़ी उसका समाधान निकलते थे, अगर समय पर जांच नहीं होती थी तो कड़ी फटकार भी लगाया करते थे। पीड़ित के प्रार्थना पत्र में कोई कर्मचारी गलत पाया जाता था तो उसके खिलाफ रिपोर्ट भी तैयार कर जिलाधिकारी को पेश करते थे।

115 प्रार्थना पत्र में चार का निस्तारण

इस दौरान कुल 115 प्रार्थना पत्र पड़े थे। जिनमें चार का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को विभागीय अधिकारियों को सौंप दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रार्थना पत्रों का समय पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। ताकि किसी भी तरह की विवाद की स्थिति भविष्य न पैदा हो।

पीडीडीयू नगर तहसील में ये लोग मौजूद

इस मौके पर एसपी आदित्य लांगहे , एसडीएम आलोक कुमार, एसडीएम अविनाश कुमार, सीओ आशुतोष, तहसीलदार राहुल सिंह, नायब तहसीलदार अमित सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

spot_img
spot_img
spot_img

सम्बंधित ख़बरें

spot_img

ताजातरीन ख़बरें

spot_img
spot_img
error: Content is protected !!