PRAHAR DUSTAK/चंदौली । जनपद के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। सिंचाई विभाग (मूसा खाड़) के अधिशाषी अभियंता ने गंगा नदी के जलस्तर को लेकर किसानों से विशेष अपील की है। उन्होंने बताया कि जैसे ही गंगा नदी में पानी की आवक बढ़ेगी और जलस्तर सामान्य मानकों को छुएगा, नारायणपुर एवं भूपौली पंप कैनाल में तत्काल पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
केंद्रीय जल आयोग की महत्वपूर्ण गाइडलाइन
अधिशाषी अभियंता मूसाखंड ने केंद्रीय जल आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि नारायणपुर पंप कैनाल के सुचारू संचालन के लिए गंगा नदी का जलस्तर 60.00 मीटर से ऊपर होना अनिवार्य है। वहीं, भूपौली पंप नहर में पानी की सप्लाई तभी संभव हो पाएगी जब नदी का जलस्तर 57.00 मीटर के निशान को पार कर लेगा।

वर्तमान में जलस्तर सामान्य से कम
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर अपेक्षित स्तर से नीचे है। इस कारण से तकनीकी दृष्टिकोण से नारायणपुर और भूपौली पंप कैनालों को चलाना संभव नहीं हो पा रहा है। जलस्तर में कमी के कारण पंपों को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में चुनौतियां आ रही हैं।
किसानों से सहयोग की अपील
अधिशाषी अभियंता ने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे इस स्थिति की गंभीरता को समझें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सिंचाई विभाग पूरी तरह से उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।
जल्द शुरू होगी नहरों में पानी की आपूर्ति
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जैसे ही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ता है और केंद्रीय जल आयोग द्वारा निर्धारित मानकों तक पहुंच जाता है, नारायणपुर और भूपौली पंप कैनालों का संचालन बिना किसी देरी के शुरू कर दिया जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा और कृषि कार्य फिर से सामान्य रूप से चल सकेगा।
सिंचाई विभाग और प्रशासन की सतत निगरानी
सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन किसानों की सुविधा के लिए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि गंगा नदी में जलस्तर बढ़ते ही नहरों में पानी की आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



















