PRAHAR DUSTAK/चन्दौली। आयुर्वेद पद्धति से उपचार कर लोगों का स्वास्थ्य सुधारा जाए, इसके लिए शासन ने अच्छी पहल की है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही संसाधन बढ़ाए जाएंगे। रामगढ़ व भटवाराखुर्द में आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनेंगे। इस पर 60 लाख रुपये लागत आएगी। यहां से लगभग 2.35 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। शासन को प्रस्ताव भेजने के साथ ही इन अस्पतालों के लिए जनवरी से भूमि की तलाश की जा रही थी। अव भूमि उपलब्ध हो गई है। फिलहाल यहां किराए के मकान में इनका संचालन किया जा रहा है। अस्पताल का निर्माण होने के बाद मरीजों को भर्ती करने की सुविधा रहेगी। इसके अलावा लैब की भी सुविधा मिलेगी, ताकि मरीजों के रक्त की जांच हो सके। जनपद में 30 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इन अस्पतालों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना दिया गया है। जहां योग के जरिए बीमारियों को दूर किया जाता है। इन अस्पतालों के निर्माण लिए भूमि उपलब्ध हो गई है। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को दी है।
पांच मरीजों को भर्ती करने होगी व्यवस्था
डाक्टर के बैठने के कक्ष के अलावा दवा स्टोर, काउंटर, लैब, वार्ड व शौचालय बनाया जाएगा। यहां पांच मरीजों को भर्ती करने की सुविधा रहेगी। इसके अलावा ओपीडी संचालित होगी। एक अस्पताल का निर्माण दो बीघा भूमि में होगा। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की जरुरत पर खून की जांच कराई जाएगी। मरीज का एक रुपया का पर्चा बनेगा, उसी पर्चे पर मरीजों को पूरी सुविधाएं दी जाएंगी।
आयुर्वेद के 30 अस्पताल संचालित
जिले में आयुर्वेद के 30 अस्पताल संचालित है। मौजूदा समय में इन अस्पतालों में प्रतिदिन 2500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इन अस्पतालों में मरीजों को अभी भर्ती करने की कोई सुविधा नहीं है और न ही यहां जांच की सुविधा है। चिकित्सक मरीजों को देखते है और दवा देते हैं। नया अस्पताल बनने से मरीजों को भर्ती की सुविधा के साथ जांच की सुविधा भी मिलेगी।
इन गांवों के ग्रामीण होंगे लाभांवित
हाजीपुर, फत्तेपुर, पिपरिया, कुदरा, भटवारा खुर्द व कलां, नीवी कला, नंदपुर, गढ़वा दक्षिणी, टकटकपुर, पर्वतपुर, रामगढ़, रइया, बरियां, महराजगंज, सदान, दरियापुर, बैराठ, देवरा, महम्मदपुर, नादी निदौरा, नेदी, बड़गावां, लक्ष्मणगढ़, सहेपुर, प्रतापपुर के ग्रामीण इन अस्पतालों से उपचार करा सकेंगे।
बोले अधिकारी
अस्पताल निर्माण की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अस्पताल बनने से लोगों को उपचार कराने में सुविधा होगी। शासन ने निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया है। सकलडीहा में 50 के साथ ही पांच अन्य अस्पतालों का भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
सरोज शंकर राम, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी।



















