चन्दौली जिले के पशु चिकित्सालय अलीनगर परिसर में शुक्रवार को पशु पालकों की जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा विभिन्न बीमारियों व उपचार के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने का काम किया।

आपको बता दे की पशुओं की रोकथाम हेतु समय-समय पर संगोष्ठी आयोजित की जाती है इसी कड़ी में आज पशुपालकों की जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वाई के यादव ने बताया कि तमाम बीमारियों की जड़ पशु के अंदर पनप रहे कीड़ा होते हैं। इसलिए समय-समय पर तीन तीन महीने के अंतराल पर सभी पशुओं को कीडा मारने की दवा देनी चाहिए। सभी पशुओं के चारे का 40%भाग कीड़ा हजम कर जाते हैं। जिसके कारण पशु कम दूध उत्पाद,,गाभिन न होना,गर्भपात होना ,शरीर में खून की कमी सहित तमाम परेशानियां उत्पन्न हो जाती है। इसके पहचान का मुख्य लक्षण दुर्बल एवं कमजोर,शारीरिक वृद्धि में रुकावट, कम दूध उत्पादन,आंख में पानी आना और स्वस्थ त्वचा और बालों का झड़ना होता है। पशु को साफ चारा व पानी देना चाहिए। इसके अलावा तमाम बीमारियों के बचाव व पशुओं के रखरखाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस मौके पर बिरवैक कंपनी की तरफ से अजय मिश्रा प्रांजल दुबे सहित अस्पताल के कर्मचारी महेंद्र, जितेंद्र ,पशुपालक हौसला यादव, श्यामा सिंह,अजीत यादव, दिलीप मौर्य,सर्जुन यादव आदि लोग मौजूद रहे।



















