
चंदौली जिले के अलीनगर थाना अंतर्गत लौदा गांव में संत रविदास की जयंती के अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। जुलूस में ऊंट, घोड़ा, और बैंड-बाजे के साथ अलग-अलग झांकियां सजाई गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। जुलूस में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों के लोग शामिल हुए, जो एकता और भाईचारे का संदेश दे रहे थे।

जुलूस में जगह-जगह पर लोगों ने शिरोमणि रविदास की भव्य झांकियों का स्वागत किया और उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को याद किया। इस आयोजन के दौरान गंगा जमुनी तहजीब की झलक साफ तौर पर देखने को मिली, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मना रहे थे। संत रविदास के इस भव्य जुलूस ने यह साबित किया कि भारतीय समाज में विविधताओं के बावजूद हम एकता, प्रेम और सौहार्द्र से जुड़े हुए हैं। यह आयोजन समाज के हर वर्ग के बीच सद्भावना और सम्मान को बढ़ावा देने का एक सुंदर उदाहरण था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खुर्शीद प्रधान ने संत रविदास जी की शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रविदास ने हमेशा मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को जात-पात, रंग-रूप और धर्म से ऊपर उठकर आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा दी। उनके आदर्शों ने समाज को एक नई दिशा दी और समाज में व्याप्त भेदभाव को खत्म करने का काम किया।
जुलूस के दौरान सद्दाम हुसैन, मास्टर अर्जुन राम, बीडीसी बालकरन, नौशाद, अफजल बारी, मोहम्मद आजम,रूस्तम, पहलवान कन्हैया,डॉ हरचन,महेंद्र चौकीदार, बबलू, शहंशाह, सिकंदर, बीरू, संजय, बीडीसी चूल्हीराम के साथ सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित रहे।



















