PRAHAR DUSTAK/चन्दौली। गड़ई नदी का प्रवाह रोके जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पूर्व सांसद रामकिशुन ने शनिवार को वार्ता के दौरान कहा कि यदि नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ की गई तो पार्टी जिला मुख्यालय का घेराव करेगी और व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुगलसराय–चकिया मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत पांडेयपुर से सिरसी तक करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में गड़ई नदी को कार्यदायी संस्था द्वारा पाटे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उनका आरोप है कि इससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान होगा। पूर्व सांसद ने कहा कि बीते दिनों गड़ई नदी में आई बाढ़ से लगभग 50 गांवों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसे में नदी के प्रवाह को अवरुद्ध करना किसानों के साथ अन्याय है।

उन्होंने सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय नेताओं पर केवल बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों के हितों को लेकर गंभीर है तो गड़ई और चंद्रप्रभा नदी की समुचित खुदाई कराई जाए। साथ ही उनसे जुड़े नालों और ड्रेनों की सफाई सुनिश्चित की जाए। कहा कि यदि किसी कारणवश नदी का प्रवाह रोका जाना आवश्यक है, तो समानांतर वैकल्पिक जल निकासी व्यवस्था भी विकसित की जानी चाहिए। आरोप लगाया कि बजट में इस संबंध में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। चेताया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो पूरा क्षेत्र झील में तब्दील हो जाएगा। जल्द ही क्षेत्रीय किसानों की बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।






