PRAHAR DUSTAK/चंदौली। विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर शी मूवमेंट फाउंडेशन ने गुरुवार को पीडीडीयू नगर में बाल श्रम के निषेध पर एक महत्वपूर्ण समुदाय संवाद और जागरूकता अभियान चलाया। इस पहल का उद्देश्य बाल श्रम की समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसे जड़ से खत्म करने के लिए समुदाय को एकजुट करना था।
सब्जी मंडी में निकाली गई जागरूकता फेरी
कार्यक्रम के तहत, फाउंडेशन के सदस्यों ने स्थानीय सब्जी और फल मंडी में एक जागरूकता फेरी निकाली। इस दौरान, उन्होंने व्यापारियों और आम जनता को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी और बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया। फेरी में शामिल लोगों ने बाल श्रम को समाप्त करने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा भी ली।
समुदाय संवाद में विशेषज्ञों ने व्यक्त की चिंता
इससे पहले, शी मूवमेंट फाउंडेशन द्वारा एक समुदाय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बाल श्रम के मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के निदेशक सिद्धार्थ यादव ने कहा कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को श्रमिक के रूप में इस्तेमाल करना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हानिकारक है। उन्होंने सरकार द्वारा बाल श्रम को रोकने के लिए उठाए गए विभिन्न कानूनी कदमों, जैसे कि 1986 का बाल श्रम उन्मूलन कानून, शिक्षा का अधिकार कानून 2009 और सर्वशिक्षा अभियान 2010 के बारे में विस्तार से बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फैक्ट्रीज़ एक्ट, प्लांटेशन एक्ट, माइंस एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसे कानूनों का भी उल्लेख किया जो बच्चों के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं।
आर्थिक कमजोरी बनी बाल श्रम का कारण
फल एवं सब्जी व्यवसायी समिति के जिलाध्यक्ष नारायण प्रसाद सोनकर ने सरकार से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद करने और उनके लिए प्रभावी योजनाएं शुरू करने का आग्रह किया, ताकि उनके बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकें और बाल श्रम से मुक्त हो सकें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह नगर कार्यवाह रोहित यादव ने कहा कि बच्चों से श्रम कराकर हम न केवल उनका भविष्य बल्कि राष्ट्र का भविष्य भी खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने बच्चों को स्कूल भेजें और उनकी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर दें।
बच्चों की शिक्षा और विकास पर जोर
चंदौली बॉक्सिंग संघ के जिला महासचिव कुमार नन्दजी ने 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भारी श्रम में न लगाने और उन्हें शिक्षित करने की सलाह दी। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया जिससे बच्चे और उनके परिवार दोनों लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम का संचालन अखिलेश कुमार ने किया, और इस अवसर पर विनोद, भरतलाल, संजय, मनोज, मजहर, कल्लू, लोहा, नारद, झगड़ू, रामजी, मनीष, काले बुधनी, संगीता सहित कई फल-सब्जी व्यवसायी उपस्थित थे।



















