PRAHAR DUSTAK/चंदौली । पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने अब संघर्ष तेज कर दिया है। शुक्रवार को अटेवा के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर रोष मार्च निकाला। जो धरना स्थल से शुरू होकर कलक्ट्रेट तक गया। जहां एनपीएस, यूपीएस और निजीकरण को बंद कर ओपीएस लागू करने से सम्बंधित प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का निर्णय भी लिया गया।

इन दौरान वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के सामाजिक सुरक्षा व सम्मान की लड़ाई है। सरकार ने इसे छीनकर एक असुरक्षित एनपीएस और यूपीएस योजना थोप दी है। इसे लागू कर कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है। जबकि इसकी धनराशि कहां जा रही है। इसकी जानकारी न तो सरकार को है और न ही विभागीय अधिकारियों को है। कहा कि देश के करीब एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी लगातार ओपीएस की मांग कर रहे हैं। एनपीएस में पेंशन के नाम पर नाममात्र की धनराशि मिलती है। इससे पेंशनर खुद और परिवार का खर्च चलाने में असमर्थ होता है।

कहा कि पुरानी पेंशन बहाली होने तक अटेवा का संघर्ष जारी रहेगा। पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारी के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी हितकारी है। रोष मार्च में जिला महामंत्री गिरिजेश कुमार दादा, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ से आंनद पाण्डेय, संजय कुमार सिंह नूरी, टीएससीटी से सुनील कुमार सिंह, एससीएसटी शिक्षक संघ से राम दिलास, अरुण रत्नाकर, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ जय कुमार सिंह, प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ से मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह, पंचायती सफाई कर्मचारी संघ से गुरु प्रसाद आर्य, रेलवे से बृजेश कुमार पाल, संतोष शर्मा, शिक्षक वेलफेयर संघ से संजय यादव आदि शामिल रहे।



















