PRAHAR DUSTAK/मुजफ्फरनगर। दो साल पहले सुरती (तम्बाकू) मांगने को लेकर हुए विवाद में चंदौली के सहायक अध्यापक की हत्या करने वाले मुख्य आरक्षी को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी मुख्य आरक्षी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक अध्यापक प्रयागराज से बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर कर्मचारियों के साथ जनपद मुजफ्फरनगर में आए थे। रात्रि में लगभग दो बजे मुख्य आरक्षी ने सरकारी कार्बाइन से सहायक अध्यापक को गोली मार दी थी।
डीजीसी राजीव शर्मा, एडीजीसी प्रवेन्द्र कुमार और नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि वाराणसी महगांव के राजकीय इंटर कॉलेज में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र कुमार निवासी गांव बैराठ थाना बलूआ जनपद चंदौली की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचाने के लिए लगी थी।
वह अपने साथियों और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी गाड़ी से उत्तर पुस्तिका प्रयागराज, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद और बिजनौर में उतारने के बाद मुजफ्फरनगर 17 मार्च 2024 की रात में एसडी इंटर कॉलेज पहुंचे थे।
रात में कॉलेज का गेट बंद होने के कारण सहायक अध्यापक, उनके साथी कर्मचारी और पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी में आराम करने लगे। गाड़ी में बैठे मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश यादव निवासी कुसुम्हॉ थाना दोहरी घाट जनपद मऊ ने सहायक अध्यापक धर्मेंद्र से तंबाकू मांगा। उन्होंने मना किया तो मुख्य आरक्षी ने सरकारी कार्बाइन से सहायक अध्यापक पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिससे सहायक अध्यापक की मौत हो गई थी।
मुख्य आरक्षी उस समय वाराणसी में तैनात था। पुलिस ने मुख्य आरक्षी को गिरफ्तार कर कार्बाइन जब्त कर ली थी। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट के न्यायाधीश सीताराम की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने आरोपी मुख्य आरक्षी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर एक लाख का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस ने कराया था सभी का मेडिकल : पुलिस ने उसी रात सभी का मेडिकल कराया था। पुलिस घटना के बाद सभी को साथ लेकर जिला अस्पताल में पहुंची। पुलिस ने गारद में तैनात दरोगा नागेन्द्र चौहान, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जितेन्द्र कुमार व कृप्णप्रताप, शिक्षक संतोष कुमार व आरोपी हेड कॉन्स्टेबल चंद्र प्रकाश यादव का मेडिकल कराया। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के मेडिकल में शराब पीए जाने की पुष्टि हुई थी।
खून से सन गए थे उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल : कार्बाइन से अंधाधुंध गोलियां चलाए जाने पर कई गोली सहायक अध्यापक को लगीं, जिससे सहायक अध्यापक लहूलुहान होकर गाड़ी में गिर गए। उनके शरीर से बह रहे खून से गाड़ी में रखे उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल खून से सन गए। हालांकि बंडल के अंदर कॉपियां सुरक्षित मिली थीं।
कार्बाइन से चलाईं थीं अंधाधुंध गोलियां
पुलिस के अनुसार घटना वाली रात मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश यादव ने शराब पी हुई थी। सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र कुमार उनके साथ गाड़ी में पीछे बैठे हुए थे। तम्बाकू मांगने लेकर हुए विवाद में आरोपी मुख्य आरक्षी ने सरकारी कार्बाइन से फायरिंग कर दी, जिससे सहायक अध्यापक के शरीर से कई गोलियों आरपार हो गईं। वहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए कार्बाइन की नाल को दूसरी तरफ मोड़ दिया था, गोलियां डीसीएम की चादर को फाड़कर बाहर निकल गईं।
हत्या से आक्रोशित शिक्षकों ने किया था हंगामा
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर जनपद पहुंचे सहायक अध्यापक की हत्या के बाद यूपी के कई जिलों में शिक्षकों ने सड़क पर जाम लगाते हुए बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्याकंन करने से इनकार कर दिया था। जनपद में भी सर्कुलर रोड पर सभी शिक्षकों ने जाम लगाते हुए आरोपी मुख्य आरक्षी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।






