PRAHAR DUSTAK/चन्दौली । सदर ब्लॉक संसाधन केंद्र में दो दिवसीय नॉलेज शेयरिंग और नवाचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षकों ने अपने शिक्षण अनुभवों को साझा किया और नई शिक्षण तकनीकों पर विचार-विमर्श किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान करना और नवाचारों के जरिए शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ एसआरजी सुभाष सिंह यादव ने किया।

इस दौरानउन्होंने कहा कि नवाचार वह प्रक्रिया है जो शिक्षण को सरल, रुचिकर और समझने योग्य बनाता है। इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ती है, और शिक्षा का स्तर बेहतर होता है। कहा कि नवाचार के जरिए शिक्षण के स्तर को बेहतर बनाया जाए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके और छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। एसआरजी ने कहा कि नवाचार से ड्रॉप आउट की समस्या कम होती है और इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है।

उन्होंने शिक्षकों से अपील किया कि वे अपने-अपने अनुभव और नवाचारों को साझा करें ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके और प्रदेश स्तर पर चन्दौली जिले का नाम रोशन हो। कार्यक्रम में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के परिषदीय शिक्षकों ने भाग लिया। इस आयोजन के जरिए शिक्षकों को अपने ज्ञान को साझा करने और नवीनतम शिक्षण तकनीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन की संभावना बनी। इस मौके पर एआरपी सुनील शर्मा, रिंकू यादव, संदीप दूबे, उमाशंकर सिंह, सत्येंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।



















