चन्दौली । इस डिजिटल युग में किसानों का डॉटा भी डिजिटल किया जा रहा है। इसके लिए चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में जौनपुर को सूबे में पहला स्थान मिला है। प्रदेश के 75 जनपदों में यही जनपद ऐसा है, जहां दो लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ है। पूर्वांचल के आजमगढ़ की दशा खराब है। चंदौली, गाजीपुर और मऊ की स्थिति भी ठीक नहीं है।
प्रतिदिन शाम को प्रदेशभर का डॉटा निदेशालय स्तर से जारी किया जाता है। रविवार की शाम छह बजे तक के जारी आंकड़ों पर गौर करें तो जौनपुर में दो लाख 10 हजार किसानों का पंजीकरण हुआ। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य जनपदों से काफी ज्यादा है। हालांकि प्रत्येक जनपद के लक्ष्य के सापेक्ष पंजीकरण पर गौर करें तो पहले स्थान पर रामपुर जिला है। यहां 52 फीसदी किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। यानी यहां दो लाख 35 हजार में से एक लाख 24 हजार से अधिक का पंजीकरण हो चुका है।

खुद से किसान करा सकते हैं फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री के लिए कई माध्यम हैं। इसमें एक तो कृषि, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गांव में कैंप लगाती है और वहीं पर काम होता है। दूसरा तरीका है कि किसान खुद भी ऑनलाइन कर सकता है। यदि किसान खुद से नहीं कर सकता और कैंप में पहुंच नहीं सकता है तो वह किसी भी सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर भी करा सकता है।

किस जिले में कितना हुआ पंजीकरण
पूर्वांचल के 10 जिलों में मिर्जापुर में 80 हजार, जौनपुर में 2.10 लाख, सोनभद्र में 41 हजार, भदोही में 40 हजार, बलिया में 63 हजार, वाराणसी में 39, मऊ में 41, गाजीपुर में 55, गाजीपुर में 65, चंदौली 26, आजमगढ़ में 80 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के लिए विभाग की ओर से कैंप भी लगाया जा रहा है।



















