PRAHAR DUSTAK/चन्दौली । आने वाले दिनों में चंदौली समेत पूर्वाचल के अन्य जनपदों के किसान अपनी धान की ऊपज की प्रोसेसिंग व ए पैकेंजिंग कर अपना ब्रांड तैयार कर बिक्री के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ना बाजार में उपलब्ध करा सकते हैं। यानी अब किसानों को अपने ऊपज के माध्यम से उद्यमी बनने का सपना साकार हो सकेगा। ऐसा इसलिए कि उद्योग विभाग के पूर्वांचल एग्रो राइस मिल के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल गई है। राइस मिल के निर्माण कार्य के लिए डेढ़ करोड़ की राशि भी प्राप्त हो गई है।

इसके बाद शेष राशि से टेंडर प्रक्रिया पूरी करते हुए अत्याधुनिक मशीनों के इंस्टाल करने का काम भी शुरू हो जाएगा। यहां किसान रियायत दर पर अपनी धान की ऊपज का प्रोसेसिंग व पैकेजिंग कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप चावल तैयार कर अपने ब्रांड का नाम देते हुए बाजार में उपलब्ध करा सकेंगे।
30 मीलरों के क्लस्टर को इसके देखरेख, मरम्मत व संचालन का जिम्मा दिया जाएगा। जिसको सूची उद्योग विभाग ने तैयार कर ली है। राइस मिल के निर्माण के लिए सैयदराजा के समीप रेवसा में जमीन भी चिह्नित कर लिया गया है, जहां शीघ्र ही डेढ़ करोड़ से आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।
निश्चित रूप से पूर्वांचल एग्रो राइस मिल जनपद सहित पूर्वांचल के किसानों के लिए वरदान व उनके उद्यमी बनने की दिशा में सहायक साबित होगा। विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
बोले उपायुक्त उद्योग
पूर्वांचल एग्री राइस मिल के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। संचालन व देखरेख के लिए 30 राइस मिलरों का क्लस्टर तैयार कर लिया गया है। इनके की ओर से मिले डेढ़ करोड़ से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। अत्याधुनिक मशीनों से प्रोसेसिंग व पैकेजिंग का कार्य होगा। उम्मीद है कि इस वर्ष इसका संचालन शुरू हो जाएगा।
सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग।



















