चन्दौली। प्रदेश के 18 जिलों में ड्रैगन फ्रूट (कम्बलम) की व्यावसायिक खेती शुरू की जाएगी। विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज (उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एण्ड रूरल इंटरप्राइज ईकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट) योजना के माध्यम से उद्यान विभाग किसानों से इसकी खेती कराएगा। इसके लिए विभाग ने 18 जिलों के 90 ग्राम पंचायतों का चयन किया है, जहां इसकी व्यवसायिक खेती शुरू की जाएगी। चुने गए ग्राम पंचायतों के ए़क एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले चयनित 296 किसानों से इसकी खेती शुरू कराई जाएगी। इससे पहले उद्यान एवं बागवानी विशेषज्ञ इन किसानों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के तरीके सिखाएंगे।

दो वर्ष पूर्व गोरखपुर व आसपास के क्षेत्रों के कुछ किसानों ने ड्रैगन फ्रूट उगाना शुरू किया था। मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने में सहयोगी इस फल की खेती सूबे के अन्य क्षेत्रों में भी कराने के निर्देश दिए।
ये जिले हैं चयनित
चन्दौली, गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, बाराबंकी, वाराणसी, अमरोहा, सहारनपुर, शामली, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई,अलीगढ़।
जुलाई से नवम्बर तक फलता है ड्रैगन फ्रूट
ड्रैगन फ्रूट जुलाई से नवम्बर तक फलते हैं। इनके पौधे ज्यादा ठंड झेल नहीं पाते और सूखने लगते हैं। इन्हें बचाने के लिए इनकी खेतों में नवम्बर के बाद इनके पौधों के बीच सहफसली खेती करने की सलाह दी जाती है।
जिससे ड्रैगन फ्रूट के पौधे सुरक्षित रह सके और दूसरी फसल का भी लाभ लिया जा सके।
उद्यान विभाग किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराएगा पौधे
चयनित किसानों को उद्यान विभाग ड्रैगन फ्रूट के पौधे निशुल्क उपलब्ध कराएगा। नष्ट होने या खराब होने पर विभाग अनुदानित दर पर पौधे मुहैय्या कराएगा। इसके अलावा किसानों को तकनीकी जानकारी मसलन कब पौधों की सिंचाई की जानी है, कब निराई-गुड़ाई की जानी है, के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभाग की ओर से जैव उर्वरक समेत संतुलित खाद का प्रयोग करने के लिए मिनी किट भी दिए जाएंगे।
समय-समय पर विभाग के विशेषज्ञ किसानों को फसलों की देखभाल की सलाह देते रहेंगे।



















