PRAHAR DUSTAK/चंदौली । जनपद में बीते 29 मई से चल रहे ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025’ का आज विकासखंड नियमताबाद के ग्राम पंचायत गंगेहरा में सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को उनकी आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को मधुमक्खी पालन के महत्व और उससे होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को मधुमक्खी पालन शुरू करने की तकनीकों और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी, जिससे वे अपनी आय को और अधिक बढ़ा सकें।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड और फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अपनी मिट्टी की उर्वरता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे अपनी फसल के अनुसार उचित उर्वरक का उपयोग कर सकें। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रतिनिधियों ने किसानों को फसल बीमा के महत्व और इसके तहत मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया।आधुनिक कृषि यंत्रों और सिंचाई सुविधाओं पर जोर
आधुनिक कृषि यंत्रों और सिंचाई सुविधाओं पर जोर
किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उनके फायदों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें सोलर सिंचाई पंपों की स्थापना और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में बताया गया। भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने खरीफ सीजन में सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों और सब्जियों को कीटों और बीमारियों से बचाने के उपायों पर प्रकाश डाला।

पशुओं की सेहत का भी रखा गया ध्यान
पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी ने बरसात के मौसम में पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में किसान भाइयों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य और उनकी देखभाल संबंधी उचित सलाह दी।
जल संरक्षण और जीवाश्म कार्बन बढ़ाने की अपील
संयुक्त कृषि निदेशक श्री शैलेंद्र कुमार ने किसानों से मिट्टी में जीवाश्म कार्बन की मात्रा बढ़ाने और जल संरक्षण के उपायों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण और कृषि दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समापन कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अभयदीप गौतम, डॉ. रितेश गंगवार, भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा के प्रतिनिधि, पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रधान और क्षेत्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। यह अभियान जनपद की 135 ग्राम पंचायतों में किसानों को नई दिशा और जानकारी प्रदान करने में सफल रहा।



















