PRAHAR DUSTAK/चन्दौली । जिले के कोचिंग संचालक विद्यार्थियों और अभिभावकों को गुमराह नहीं कर सकेंगे। सभी कोचिंग संचालकों को पंजीकरण के साथ शिक्षक व विद्यार्थियों को विवरण अपडेट करना होगा। बिना पंजीकरण के कोचिंग संचालकों पर जुर्माना के साथ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नौ टीमें बनाई गई हैं। शासन की ओर से कोचिंग संचालकों के लिए गाइडलाइन जारी की गई हैं। इसके अनुसार कोचिंग का पंजीकरण अनिवार्य है।
जनपद में वर्तमान में विभाग में मात्र 89 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, जबकि कोचिंग की संख्या 500 से अधिक हो गई है। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शामिल हैं। विभाग की ओर से बिना पंजीकरण और मानक के विपरीत चल रहीं कोचिंग की जांच करने के लिए टीमें बनाई गई हैं, जो 30 अप्रैल तक जांच कर उसकी आख्या उपलब्ध कराएंगी।
बिना पंजीकरण कोचिंग संचालित होने पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। विभाग के अनुसार, कोचिंग का पंजीकरण छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है। इसका शिक्षा विभाग में शुल्क जमा करना होता है।
बोले प्रभारी डीआईओएस
सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाएगी। मानक के विपरीत कोचिंग का संचालन होने पर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। बिना पंजीकरण के कोचिंग सेंटरों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
– डा. राजेश सिंह यादव, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, चन्दौली।



















