PRAHAR DUSTAK/चन्दौली। परिवहन विभाग ने छोटे वाणिज्यिक वाहन संचालकों को बड़ी राहत देते हुए नई कर व्यवस्था लागू की है। 7500 किलोग्राम से कम भार क्षमता वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए वन टाइम रोड टैक्स प्रणाली शुरू की गई है। अब इन वाहनों के मालिकों को निजी वाहनों की तरह एक बार ही रोड टैक्स जमा करना होगा, जिसके बाद 15 वर्षों तक अलग से कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

अब तक छोटे और बड़े सभी वाणिज्यिक वाहनों पर त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर रोड टैक्स देना अनिवार्य था। इससे वाहन मालिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कर भुगतान से प्रक्रियाओं में भी राहत मिलेगी। परिवहन विभाग के अनुसार यह सुविधा केवल 7500 किलोग्राम से जुड़ी कम भार क्षमता वाले वाणिज्यिक वाहनों पर लागू होगी। 7,500 किग्रा से अधिक भार क्षमता वाले भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए पहले की तरह ही त्रैमासिक या वार्षिक रोड टैक्स व्यवस्था लागू रहेगी।
इस प्रकार लगेगा वन टाइम रोड टैक्स
किराये या पारिश्रमिक दोपहिया वाहन: वाहन मूल्य का 12.5 प्रतिशत
तिपहिया मोटर कैब: 7 प्रतिशत
10 लाख रुपये तक के मोटर /मैक्सी कैब: 10.5 प्रतिशत
10 लाख रुपये से अधिक के मोटर/मैक्सी कैब: 12.5 प्रतिशत
निर्माण उपस्कर/विशेष प्रयोजन यान : 6 प्रतिशत
3000 किग्रा से अधिक सकल भार यान 3 प्रतिशत
3000 से 7500 किग्रा तक के वाहन : 6 प्रतिशत

20 व 21 फरवरी को लगेगा विशेष कैंप
प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से वाहन स्वामियों का अवगत कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय में 20 व 21 फरवरी को विशेष कैंप लगाया जा रहा है। परिसर में सुबह 10 इसे शाम पांच बजे तक परिवहन मेले का आयोजन किया गया है। एआरटीओ डॉ सर्वेश गौतम ने सभी वाहन स्वामियों से अपील किया है कि वह इसमें भाग लेकर जानकारी प्राप्त करने के साथ इसका लाभ उठा सकते हैं।
बोले अधिकारी
वन टाइम रोड टैक्स व्यवस्था का उद्देश्य छोटे वाणिज्यिक वाहन संचालकों को सरल और पारदर्शी कर प्रणाली उपलब्ध कराना है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली भी सुगम होगी और टैक्स संग्रह में स्थिरता आएगी।
डॉ सर्वेश गौतम, एआरटीओ, चन्दौली।






