चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। आजमगढ़ जिले का रहने वाला रंजीत किसी काम से कोलकाता गया था और हावड़ा से ट्रेन पकड़कर मुगलसराय स्टेशन पहुंचा। स्टेशन के पास ओवरब्रिज के नीचे स्थित एक पोखरे में नहाने के दौरान उसका कपड़ा और चप्पल अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया।
पीड़ित रंजीत किसी तरह शरीर पर गमछा लपेटे रोते हुए रेलवे चौकी पहुंचा और अपनी समस्या बताई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने घटना क्षेत्र को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए उसे अलीनगर थाना जाने की सलाह दी। इसके बाद परेशान और बेबस हालत में रंजीत अलीनगर थाने पहुंचा।
थाने परिसर में मौजूद तारा जीवनपुर चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने जब उसकी पूरी कहानी सुनी तो तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे अपने साथ बाजार ले गए और उसके लिए कपड़े व चप्पल खरीदवाए। इसके बाद उसे थाने लाकर चाय पिलाई और उसके परिजनों से संपर्क कर उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

इस दौरान फरियादी रंजीत ने कहा कि हमने “सौ चाई एक मुगलसराय” की कहावत सुनी थी, लेकिन आज खुद अनुभव कर लिया। इस संबंध में तराजीवपुर चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि फरियादी की पूरी बात सुनने के बाद तत्काल मदद की गई। उसे कपड़े और चप्पल दिलाने के बाद परिजनों से संपर्क किया गया तथा युवक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया है। आमतौर पर पुलिस की छवि को लेकर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन चौकी प्रभारी पंकज सिंह के इस सराहनीय कार्य ने यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि इंसानियत निभाने में भी आगे है।






