चंदौली जिले में केंद्र सरकार की राह-वीर योजना के तहत सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने वाले नेक नागरिकों को सम्मानित किया गया। वाराणसी स्थित मंडलायुक्त सभागार में सोमवार को आयोजित मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान प्रभारी मंडलायुक्त सुन्नदू सुधाकरन ने चंदौली जिले की एक महिला सहित कुल छह जनपदवासियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने इनके मानवीय साहस और त्वरित सेवा भाव की सराहना की।

प्रभारी मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद प्रारंभिक एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ कहलाता है, जिसमें समय पर चिकित्सीय सहायता मिलने पर घायल की जान बचाई जा सकती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने राह-वीर योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत दुर्घटना स्थल से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाने वाले सजग नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे नेक कार्य करने वाले व्यक्ति को न तो पुलिस पूछताछ के नाम पर परेशान किया जा सकता है और न ही उन्हें किसी प्रकार की गवाही देने के लिए बाध्य किया जाएगा। यह प्रावधान आमजन को निर्भय होकर जीवन रक्षा में आगे आने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि सम्मानित सभी व्यक्तियों के नामों की अनुशंसा मुख्यालय को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही उन्हें योजना के तहत देय 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के समय साहसपूर्वक मदद करने वाले नागरिक समाज के लिए प्रेरणा स्वरूप हैं और ऐसे उदाहरणों से मानवीय संवेदनाओं को मजबूती मिलती है।

चंदौली से सम्मानित होने वालों में खानजहांनचक पचफेड़वा की निवासिनी सोनी देवी, वार्ड संख्या-4 नेहरू नगर चंदौली के निवासी राजकुमार पटेल, जखनियां गाजीपुर के हिमांशु विश्वकर्मा, वार्ड संख्या-14 लोहिया नगर चंदौली के संतोष कुमार, वार्ड संख्या-3 नेहरू नगर चंदौली के घनश्याम प्रसाद तथा बलुआ थाना क्षेत्र के उतड़ी समुदपुर निवासी राजकुमार यादव शामिल हैं। सभी सम्मानित व्यक्तियों ने कहा कि मानव जीवन से बढ़कर कुछ नहीं, और भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर वे मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।






