PRAHAR DUSTAK/चन्दौली। सिंचाई विभाग की लापरवाही ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। शनिवार की सुबह करीब छह बजे नरायनपुर पंप कैनाल की मुख्य नहर का तटबंध अलीनगर थाना क्षेत्र के गोधना गांव के पास टूटने से करीब ढाई सौ एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। वही आंशिक रूप से आवासीय क्षेत्र होने के कारण मकान भी इसकी जद में आ गए हैं। इससे किसान सिर पर हाथ धरे बर्बाद फसलों को देख चिंतित हैं।

किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करने की बात कही है।
जिले में सिंचाई के लिए नरायनपुर पम्प कैनाल का निर्माण कराया गया है। इससे जनपद के किसानों के फसल की सिंचाई होती है। शुक्रवार की रात विभागीय कर्मचारियों ने मुख्य नहर में इतना अधिक पानी छोड़ दिया कि शनिवार को अलसुबह औद्योगिक क्षेत्र फेज दो के पास नहर ओवरफ्लो करने लगी।

वही गोधना गांव के पास मुख्य नहर का तटबंध ही टूट गया। इससे करीब ढाई सौ एकड़ जमीन में लगी फसल जहां एक ओर जलमग्न हो गई, वही आवासीय मकान भी इसकी जद में आ गए। किसानों ने आरोप लगाया कि इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को दी। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इतना ही नहीं नहर में पानी इतना अधिक छोड़ा गया था कि कई जगहों पर तटबंध के ऊपर से पानी बह रहा था। जो ग्रामीणों के आवागमन में भी परेशानी का कारण बन गया।

क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों ने चेताया कि यदि बर्बाद फसलों का मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। इस बाबत अधिशासी अभियंता रवि मिश्रा ने बताया कि ज्यादा पानी छोड़ दिए जाने से मुख्य नहर का तटबंध टूट गया था। सूचना मिली है, विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच चुके हैं। जिसे जल्द ही बांध दिया गया है। वही पम्प कैनाल क सभी पम्पों को बंद करा दिया गया है।



















