PRAHAR DUSTAK/चन्दौली । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा-माले) का चकिया तहसील प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना आज तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी उनकी मांगों का ज्ञापन लेने तक नहीं पहुंचा है।
अनिल पासवान ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) के जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने कहा कि तहसील प्रशासन का यह रवैया लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही हाल रहा तो जल्द ही संवेदनहीन तहसील प्रशासन का पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और प्रशासन की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धरदे, धनावल और सपही (जंगल) के निवासियों के लिए न्याय की मांग
यह धरना मुख्य रूप से धरदे, धनवाल और सपही (जंगल) गांवों में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित करने और पार्क बनवाने के लिए भूमि आवंटित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, धरदे में खेलकूद के मैदान के लिए नापी गई जमीन के दायरे में आने वाले मकानों को गिराने की धमकी का भी कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाए।
दर्जनों कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी
भाकपा(माले) चकिया ब्लॉक कमेटी के सदस्य कामरेड हरिहर राम के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता इस धरने पर बैठे हुए हैं। आज तीसरे दिन भी कामरेड धनवती देवी, दशरथ राम, घुरेलाल प्रसाद, तिलकधारी, नंदलाल कनौजिया, महेंद्र राम, कतवारू बनवासी, जगजीवन राम, आलोक, मोतीराम, शिवलोचन राम, शिवाजी चौहान, सुदामा प्रसाद और अभय कुमार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता धरने में शामिल रहे और अपनी मांगों को बुलंद किया। अध्यक्षता ओम प्रकाश यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन राम भवन पासवान ने किया।



















